मंगलवार, 18 अगस्त 2020

Corona Virus : सामने है कोरोना की असाधारण चुनौती

28 coronavirus myths busted


 - सावधानी और धैर्य ही महामारी से बचाव का एकमात्र तरीका

- देश में 26 लाख पार कोरोना संक्रमित, 50 हजार से अधिक की मौत

- होम आइसोलेशन में लापरवाही भी बढ़ा रही मुश्किल


देश में कोरोना महामारी असाधारण चुनौतियां लेकर आई है। नए-नए तरीकों से लोगों पर अटैक कर रहा है। आम क्या खास सभी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। किसी में लक्षण दिखते हैं तो किसी में नहीं। अभी तक कोरोना से पूरी तरह सुरक्षित बताये जा रहे नवजात भी अब इसकी चपेट में आ रहे हैं। लखनऊ में तीन नवजातों में कोरोना की पुष्टि हुई है, जबकि मां निगेटिव थी। देश में अब संक्रमित लोगों की संख्या 26 लाख के पार हो चुकी है जबकि संक्रमण से मरने वाले 50 हजार का आंकड़ा पार कर चुके हैं। हर दिन सैकड़ों की संख्या में लोग दम तोड़ रहे हैं। हालांकि, इस बीच देश सरकार ने जहां कोविड जांच में तेजी बढ़ाई है वहीं, अस्पतालों में भी लगातार बेड बढ़ाए जा रहे हैं। बावजूद अभी और तेजी दिखाने की जरूरत है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया कहते हैं कि अपने देश में अभी कोरोना चरम पर नहीं आया है। ऐसे में सावधानी और धैर्य ही महामारी से बचाव का एकमात्र तरीका है।

संक्रमण की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है देश में कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या 26 लाख के पार हो चुकी है और मरने वालों का आंकड़ा 50 हजार के पार जा चुका है। भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 15 दिनों के भीतर उत्तर प्रदेश के दो कैबिनेट मंत्रियों की मौत हो गई। बेस्ट ट्रीटमेंट होने के बावजूद मंत्री चेतन चौहान और कमला रानी वरुण कोरोना से जंग नहीं जीत सके। कोरोना के चलते ही पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के दो विधायक दम तोड़ चुके हैं। यूपी के कुल नौ मंत्री कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। इसके अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी यूपी अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल सहित कई बड़े नाम कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। 

होम आइसोलेशन में लापरवाही बढ़ा रही मुश्किल

22 जुलाई से होम आइसोलेशन लागू है। इसके बाद अफसरों के लिए मरीजों को अस्पताल शिफ्ट करने का झंझट खत्म हुआ। बिना लक्षण वाले मरीजों को भी घर उपचार का लाभ मिला, लेकिन इस बीच मानकों को नजरअंदाज कर मरीज को होम आइसोलेशन की अनुमति दी जाने लगी। रोगी के लिए घर में अलग कमरा-बाथरूम न होने पर भी उसे होम आइसोलेट कर दिया गया। साथ ही काफी दिनों तक होम आइसोलेशन के मरीजों की मॉनिटरिंग भी ठप रही है। मरीजों को दवा खुद खरीदने बाहर जाना पड़ा। लापरवाही उजागर होने पर अब हेलो डॉक्टर हेल्पलाइन नंबर व क्षेत्रीय अर्बन पीएचसी-सीएचसी के डॉक्टरों के नंबर जारी कर दिए गये हैं।

सोमवार, 17 अगस्त 2020

National Digital Health Mission : हेल्थ आईडी में होगी आपके स्वास्थ्य की हर जानकारी

PM Launches National Digital Health Mission - The Indian Practitioner


- नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत हर नागरिक को एक छतरी के नीचे लाने की तैयारी

- हर एक देशवासी की होगी हेल्थ आईडी, एक क्लिक पर हर नागरिक के स्वास्थ्य का होगा लेखा-जोखा

- देश के किसी भी हिस्से में बैठा डॉक्टर आपकी अनुमति के बाद आपकी पूरी ट्रीटमेंट हिस्ट्री देख सकेगा


केंद्र सरकार सबके लिए नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन लेकर आ रही है। इसके तहत हर देशवासी की हेल्थ आईडी होगी, जिसमें हर नागरिक के स्वास्थ्य का पूरा लेखा-जोखा होगा। आपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी एक हेल्थ आईडी में समाहित होगी। संबंधित व्यक्ति की अनुमति के बाद ही इसे कहीं भी देखा जा सकेगा। मतलब देश के किसी भी हिस्से में बैठा डॉक्टर भी अनुमति के बाद मरीज की पूरी हिस्ट्री देख सकेगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने एलान किया कि केंद्र सरकार पूरे देश में नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन लेकर आएगी। योजना को लॉन्च करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा।

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत आपका एक यूनिक कार्ड जारी किया जाएगा, जो आधार कार्ड की तरह होगा। इसके जरिए मरीज के निजी मेडिकल रिकॉर्ड का पता लगाया जा सकेगा। फिलहाल, यह अनिवार्य नहीं होगा। मतलब कि यह आप पर निर्भर है कि इससे जुड़ रहे हैं या नहीं। मरीज का डेटा रखने के लिए अस्पताल, क्लिनिक, डॉक्टर एक सेंट्रल सर्वर से लिंक रहेंगे। इसमें डॉक्टर, अस्पताल या जांच क्लिनिक भी रजिस्टर्ड होंगे। हालांकि, इनके लिए भी ये व्यवस्था अभी अनिवार्य नहीं है। इस योजना में ई-फार्मेसी और टेलीमेडिसिन सेवा को भी शामिल किया जाएगा।


खास बातें

- हर नागरिक को यूनिक हेल्थ आईडी दी जाएगी

- यूनिक आईडी को आधार से लिंक करवाने का विकल्प आपके पास होगा

- यूनिक आईडी पूरी तरह से स्वैच्छित तरीके से काम करेगी

- आईडी में नागरिकों का लेखा-जोखा खुद से सरकारी कम्यूनिटी क्लाउड में स्टोर हो जाएगा

- यह एक तरह से डिजिलॉकर की तरह काम करेगा

- कैश ट्रांसफर स्कीम का लाभ लेने के लिए अपनी हेल्थ आईडी को आधार कार्ड से लिंक करना होगा

- इस प्लेटफॉर्म के जरिए देश के हर डॉक्टर को यूनिक पहचानकर्ता दिया जाएगा

- डॉक्टर्स को डिजिटल हस्ताक्षर दिया जाएगा, जिसकी मदद से वो मरीजों को प्रिसक्रिप्शन लिख सकेंगे

- नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत हर नागरिक को एक छतरी के नीचे लाने की तैयारी है

- यह एक निजी हेल्थ रिकॉर्ड होगा, क्योंकि इसमें अपने डाटा का स्वामित्व खुद के पास ही होगा

- मरीज की सहमति के बिना कोई भी उसका हेल्थ डाटा नहीं देख सकेगा

Chetan Chauhan : क्रिकेट से लंबी रही चेतन चौहान की सियासी पारी

 चेतन चौहान


- कोरोना संक्रमण की वजह से यूपी के कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान का निधन

- चेतन से पहले 2 अगस्त को एक और कैबिनेट मंत्री कमला रानी वरुण का निधन हो चुका है

- 12 वर्ष तक देश के लिए क्रिकेट खेलने वाले चेतन चौहान 29 साल तक राजनीति में सक्रिय रहे


उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या डेढ़ लाख पार कर चुकी है। अब तक 2500 के करीब मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें आम आदमी से लेकर मंत्री-संतरी तक शामिल हैं। रविवार को योगी आदित्यनाथ कैबिनेट के दूसरे मंत्री चेतन चौहान का निधन हो गया। 73 वर्षीय चेतन चौहान ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शाम 4.15 पर अंतिम सांस ली। 11 जुलाई को उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें लखनऊ के एसपीजीआई में भर्ती कराया गया था। शनिवार शाम को किडनी और ब्लड प्रेशर संबंधित दिक्कत के बाद उन्हें मेदांता ले जा गया था। चेतन चौहान से पहले 2 अगस्त को यूपी की एक और मंत्री कमला रानी वरुण का भी कोरोना के कारण निधन हो चुका है। वह प्राविधिक शिक्षा मंत्री थीं। चेतन चौहान की सियासी पारी क्रिकेट से भी लंबी रही है।

यूपी में कोरोना के संक्रमण में योगी सरकार के नौ मंत्री आ चुके हैं। इनमें से दो का निधन हो गया। कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के बाद जल शक्ति मंत्री डॉक्टर महेंद्र सिंह का अभी एसपीजीआई में इलाज चल रहा है। कानून मंत्री बृजेश पाठक की रिपोर्ट अब निगेटिव आई है। अब वे होम आइसोलेशन में हैं। इनके अलावा मंत्री उपेंद्र तिवारी, जेल मंत्री जय प्रताप सिंह, राजेंद्र प्रताप सिंह, धर्म सिंह सैनी, कैबिनेट मंत्री मोती सिंह भी एसजीपीजीआई में भर्ती थे। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अब यह सभी स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की भी कोविड रिपोर्ट निगेटिव आई है, लेकिन वह अभी होम आइसोलेशन में हैं। जबकि कम से कम छह विधायक भी कोरोना पाजिटिव हैं। जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

चेतन का राजनीतिक कॅरियर

चेतन चौहान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। 1991 और 1998 के चुनाव में वह बीजेपी के टिकट पर सांसद बने थे और अब योगी सरकार में सैनिक कल्याण, होमगार्ड, पीआरडी, नागरिक सुरक्षा विभाग के कैबिनेट मंत्री थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में वह अमरोहा जिले की नौगांवा विधानसभा से विधायक चुने गये थे। अमरोहा से ही वह दो बार सांसद रहे। तीन बार चुनाव हारने के बावजूद वह राजनीति के मैदान में डटे रहे।

वनडे मैचों में भारतीय टीम के कप्तान भी रहे

भारतीय क्रिकेट टीम में चेतन चौहान एक अहम बल्लेबाज रह चुके हैं। देश के लिए उन्होंने अब तक 40 टेस्ट मैच खेले हैं। टेस्ट मैचों में उनके नाम पर 2084 रन दर्ज हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 97 रन है। टेस्ट मैचं के अलावा चेतन चौहान ने सात वनडे मैचों में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व भी किया है। महाराष्ट्र और दिल्ली की तरफ से वह रणजी मैच भी खेले हैं। 70 के दशक में वह सुनील गावस्कर के साथ ओपनिंग करते थे।

क्रिकेट से लंबी रही सियासी पारी

क्रिकेटर के तौर पर चेतन चौहान ने दुनिया के विभिन्न क्रिकेट ग्राउंड पर 12 वर्ष तक क्रिकेट खेला। क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद चेतन चौहान ने राजनीतिक पारी शुरू की। बीते 29 साल से वह राजनीति में सक्रिय थे। रविवार को उन्हें दुनिया को अलविदा कह दिया। क्रिकेट की तरह उनका सियासी सफर भी बेदाग रहा।