शनिवार, 15 अगस्त 2020
15 August : झंडा ऊंचा रहे हमारा... याद है न? बचपन में कैसे मनाते थे स्वतंत्रता दिवस
गुरुवार, 13 अगस्त 2020
Ranchod Shri Krishna : रणछोड़ क्यों कहलाए कर्मयोगी श्रीकृष्ण?

- ललितपुर के जाखलान थाना क्षेत्र में है 5 हजार वर्ष पुराना रणछोड़ धाम मंदिर
- राक्षस कालयवन के वध से जुड़ा है यह स्थान, मुचकुंद की गुफाओं में निवास करते थे देवता
- बेतवा नदी (वेत्रवती नदी) किनारे हर बरस लगता है मेला, दूर-दूर से लीलाधर श्रीकृष्ण के दर्शन करने आते हैं श्रद्धालु
ललितपुर. कर्मयोगी भगवान श्री कृष्ण रणछोड़ क्यों कहलाए? ललितपुर जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश की सीमा का अहसास कराने वाली बेतवा नदी के किनारे स्थित जंगलों में इसका रहस्य छुपा है। थाना जाखलौन के धोर्रा क्षेत्र के जंगलों के बीचो-बीच रणछोड़ धाम मंदिर और मुचकुंद गुफाएं हैं। देवराज इन्द्र और देवता कभी-कभी यहां निवास किया करते थे। श्रीमदभागवत महापुराण के दशम स्कन्द के 50, 51, 52 अध्याय में इनका उल्लेख है। बेतवा नदी (वेत्रवती नदी) के तट पर लगभग 5 हजार वर्ष पुराना भगवान रणछोड़ का मंदिर है। इसे राजा मुचकुंद बनवाया था। इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य मूर्ति है। भगवान रणछोड़ के दर्शन के लिए बेतवा नदी के तट पर प्रतिवर्ष मेला लगता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर यहां भगवान के बाल स्वरूप की पूजा की जाती है। तो चलिए जानते हैं विंध्य की पहाड़ियों में ऐसा क्या हुआ कि कर्मयोगी कृष्ण रणछोड़ बन गए।
श्रीमदभागवत महापुराण में उल्लेख है कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में एक समय ऐसा भी आया था जब उन्होंने अपने शत्रु से मुकाबला न करके मैदान छोड़ना ही उचित समझा। ये प्रसंग तब का है, जब महाबली मगधराज जरासंध ने कृष्ण को युद्ध के लिए ललकारा था। जरासंध ने कृष्ण के साथ युद्ध करने के लिए अपने साथ कालयवन नाम के राजा को भी मना लिया था। कालयवन को भगवान शंकर से वरदान मिला था कि न तो चंद्रवंशी और न ही सूर्यवंशी उसका कभी कुछ बिगाड़ पाएंगे। उसे न तो कोई हथियार खरोंच सकता है और न ही कोई उसे अपने बल से हरा सकता है। ऐसे में उसे मारना बेहद मुश्किल था। जरासंध के कहने पर कालयवन ने बिना किसी शत्रुता के मथुरा पर आक्रमण कर दिया। लीलाधर श्री कृष्ण को उसके वरदान के बारे में पता था। उन्हें पता था कि कालयवन को युद्ध में नहीं हराया जा सकता। इसलिए वह उस राक्षस की ललकार सुनकर रणभूमि छोड़कर भाग निकले। कालयवन भी पीछे-पीछे दौड़ा। भागते भागते वह जनपद ललितपुर क्षेत्र में स्थित बेतवा नदी के किनारे आ गए थे। यहां वह एक गुफा में छिप गये, जहां राक्षसों से युद्ध करके राजा मुचकुंद त्रेतायुग से ऋषि के रूप में सोए हुए थे।
राजा मुचुकंद को इंद्र ने वरदान दिया था कि जो भी इंसान तुम्हें नींद से जगाएगा वो जलकर खाक हो जाएगा। ऐसे में भगवान कृष्ण कालयवन को अपने पीछे भगाते-भगाते उस गुफा तक ले आए। गुफा में भगवान कृष्ण ने राजा मुचुकंद पर अपना पीतांबर डाल दिया और छिप कर बैठ गए। कालयवन ने उन्हें कृष्ण समझकर जब लात मारकर जगाया तब ऋषि के रूप में सोए राजा मुचुकंद के जागते ही कालयवन जलकर खाक हो गया।
मंगलवार, 11 अगस्त 2020
Police Encounter : 'ब्राह्मण हो तो यूपी में बच के रहना'
- पुलिस एनकाउंटर में मारे गये हनुमान पांडेय के पिता ने पुलिस पर उठाये सवाल
- हर बार क्यों पुलिस एनकाउंटर खड़े हो जाते हैं सवाल: जितिन प्रसाद
- सरकार ऐसा काम न करे, ब्राह्मण समाज असुरक्षित महसूस करे : मायावती
लखनऊ. कानपुर के बिकरू कांड के बाद योगी सरकार हर जिले में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पुलिस के ऑपेशन क्लीन के तहत अब तक कई ईनामी बदमाश ढेर किये गये हैं। रविवार को लखनऊ में पुलिस ने भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में आरोपित इनामी बदमाश राकेश पांडेय उर्फ हनुमान को ढेर कर दिया। एनकाउंटर को लेकर हनुमान पांडेय के पिता आर्मी से सेवानिवृत्त बालदत्त पांडेय ने यूपी एसटीएफ पर सवाल उठाए हैं। जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार पर एक बार फिर ब्राह्मणों के खिलाफ कार्रवाई के आरोप लग रहे हैं। एनकाउंटर की सीबीआई जांच के लिए मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है। अधिवक्ता ने सर्वोच्च याचिका में दाखिल जनहित याचिका में एनकाउंर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व यूपी कांग्रेस के युवा नेता जितिन प्रसाद ने पुलिस एनकाउंटर में मारे गये हनुमान पांडेय के पिता का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कि अपराधियों पर कार्यवाही हो इससे मैं भी सहमत हूं। लेकिन हमारे प्रदेश में जो कार्यवाही हो रही है उस पर हर बार सवाल क्यों खड़े हो जाते हैं? इस पर भी विचार करना पड़ेगा। जैसा इस प्रकरण में भी सुनाई पड़ रहा है।
ब्राह्मण हो तो बच के रहना : अंशू अवस्थी
पूर्व प्रवक्ता व कांग्रेस नेता अंशू अवस्थी ने पुलिस एनकाउंटर में मारे गये हनुमान पांडेय के पिता का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कि ब्राह्मण हो तो बच के रहना सरकार संविधान और कानून से नहीं। सीधे हत्या कराएगी। घर से उठाया और हत्या करा दी। वाह!
हनुमान पांडेय के पिता ने एनकाउंटर पर उठाये सवाल
बालदत्त पांडेय ने कहा कि पुलिस उनके बेटे लखनऊ स्थित आवास से शनिवार की रात तीन बजे उठाकर ले गई और एनकाउंटर कर दिया। हनुमान लखनऊ में अपनी मां का इलाज करा रहा था। इसी को लेकर आता जाता रहा। उस पर एक लाख का ईनाम कब घोषित हुआ, कभी मामला सामने नहीं आया। ज्यादातर केस से वह बरी हो गया था और बाहर था। हनुमान के पिता ने कहा है कि मेरे बेटे को घर से ले जाकर मार दिया। अब वे यूपी एसटीएफ को कोर्ट में घसीटेंगे।
यूपी में यह क्या हो रहा है? जितिन प्रसाद
'ब्रह्म चेतना संवाद' के जरिए ब्राह्मणों की आवाज बनने की कोशिश कर रहे जितिन प्रसाद एक और ट्वीट में बाहुबली विधायक विजय मिश्रा वीडियो शेयर करते हुए कहते हैं उत्तर प्रदेश में में यह क्या हो रहा है? जहां पं. विजय मिश्रा जैसे विधायक भी अपने को असुरक्षित समझ रहे हैं! क्या एक जाति विशेष में अब जन्म लेना भी असुरक्षा का कारण बनने लगा है? विजय मिश्रा भदोही जिले की ज्ञानपुर विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार विधायक चुने गये हैं। विधायक पर जबरन जमीन कब्जाने का आरोप है। मामले में बाहुबली विधायक विजय मिश्रा, उनकी एमएलसी पत्नी और बेटे पर मकान में जबरन रहने और कब्जा करने के आरोप में एक और मुकदमा दर्ज कराया गया है। विधायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले को अपने खिलाफ बड़ी साजिश बताया है।
सरकार ऐसा काम न करे, ब्राह्मण समाज असुरक्षित महसूस करे : मायावती
बिकरू हत्याकांड के बाद से पुलिस की कार्रवाई उठ रहे सवालों के बीच बहुजन समाज पार्टी ने ट्वीट करते हुए कहा था कि बसपा का मानना है कि किसी गलत व्यक्ति के अपराध की सजा के तौर पर उसके पूरे समाज को प्रताड़ित व कटघरे में नहीं खड़ा करना चाहिए। एक और ट्वीट में मायावती ने कहा कि सरकार ऐसा कोई काम नहीं करे जिससे अब ब्राह्मण समाज भी यहां अपने आपको भयभीत, आतंकित व असुरक्षित महसूस करे।
..और शुरू हो गई ब्राह्मण पॉलिटिक्स
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने परशुराम भगवान की लखनऊ में 108 फीट ऊंची मूर्ति लगाने का ऐलान कर यूपी के 11 करोड़ ब्राह्मण मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया। अगले ही दिन बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि सरकार बनने पर बहुजन समाज पार्टी परशुराम की भव्य मूर्ति लगवाएगी। जितिन प्रसाद की अगुआई में कांग्रेस पहले ही ब्राह्मण वोटरों पर निशाना साध रही है। वहीं, बीजेपी ने विपक्षी दलों के ब्राह्मण प्रेम को सिर्फ दिखावा बताया है।

